Posts

Showing posts from August, 2019
अध्याय 4: Dukh ki keemat 1944 के दौर में, जापान को लड़ाई में काफी नुकसान हुआ था. इस नुकसान के दो महीने बाद की बात है. ओनाडा, जो कि जापान की लड़ाई में एक लीडर था ek आईलेंड में ही रुक गया जहाँ पर अमेरिकन ने कब्ज़ा किया हुआ था. वो अमेरिकन्स से लड़ता रहा बावजूद इसके कि जापान ने तब तक सरेंडर कर दिया था. उसे ये बात मालूम नहीं थी और वो आइलैंड me khud के फार्मर्स को शूट करता रहा. जापानी सरकार ने उसे ढूँढने में पूरे 30 saal लगा दिए थे मगर कभी कामयाब नहीं हो पाए थे.उसको कभी कोई पकड नहीं पाया था. फिर एक दिन सुजुकी नाम के एक Hippie आदमी ने उसे पकड लाने का फैसला किया और सिर्फ 4 दिन बाद ही वो इसमें कामयाब भी रहा. jab baad me logo ne Onoda se poocha ki vo 30 saal tak kyu ek island me rha is par Onodo ne kaha ki use kabhi bhi na haar man ne ka order diya gaya tha isiliye usne kabhi bhi haar nhi maani.  सोचना भी अजीब लगता है कि कैसे koi insaan apni zindagi ka ek badda hissa kayi useless aur bevkoofi cheezo par lga dete hai. Jaise ki lieutenant Onoda ne apni zindagi ke 30 saal kede kha kar, ga...